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इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है

इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है
शेयर मार्केट में भी डिमांड व सप्लाई के हिसाब से दामों का घटना बढ़ना होता है. अगर किसी कंपनी के शेयरों की डिमांड ज्यादा होगी तो उसके शेयरों के दाम बढ़ते चले जाएंगे और मांग घटती है तो दाम घटते चले जाएंगे. इस शेयरों की डिमांड कंपनी की परफोर्मेंस के हिसाब से घटती-बढ़ती रहती है. उदाहरण के तौर पर कंपनी ने अगर कोई में कोई ऐसी चीज बनाई है, जिसकी मांग आगे चलकर बढ़ने वाली है तो उसके शेयरों की डिमांड बढ़ती चली जाएगी. कोरोना काल के दौरान बिल्कुल ऐसा ही हुआ. कोरोना महामारी में फार्मा कंपनी के साथ ऐसा ही हुआ, क्योंकि टीका बनाने की तैयारी चल रही थी और सबको पता था कि टीका जब भी आएगा, उसकी मांग में बड़ा उछाल आएगा. इसके विपरीत कोई कंपनी अगर घाटे में जा रही या उसका कोई विवाद चल रहा है तो उसके शेयरों की डिमांड कम होगी.

ट्रेडिंग क्या है और ट्रेडिंग कैसे सीखे 2022 में | Trading Kya Hai

Trader Kaise Bane : आज बहुत से युवा Share Market और Trading में अपनी इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है दिलचस्वी दिखा रहे है और बहुत से युवा को शेयर मार्किट और ट्रेडिंग में अपना करियर भी बनाने में दिलचस्वी दिखा रहे है, वैसे में बात आती है ट्रेडिंग के प्रॉपर जानकारी की आज के इस लेख में हम यही जानेंगे की शेयर मार्किट और ट्रेडिंग में अपना करियर कैसे बनाये

बहुत से युवा को इस क्षेत्र के बारे में जानकारी ही नहीं है एक रिपोर्ट अनुसार इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले की काफी कमी है ट्रेडिंग बहुत से लोगो को लगता है यह एक गेमलिंग है, इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है जुआ है इसमें पैसा लगाने पर डूब जाते है अगर आप अपने घर में अपना पापा, मम्मी या किसी अन्य व्यक्ति से ट्रेडिंग के बारे में पूछते है तो आपको यही सलाह देते है ट्रेडिंग एक जुआ है इसमें अच्छा तुम अपना पैसा FD में इन्वेस्ट करो इसमें कोई रिस्क नहीं है पर उनको कौन समझाए ,FD तो बस एक पानी का बून्द है और ट्रेडिंग समुन्द्र जहां जितना चाहो उतना पैसा कमा सकते हो लेकिन प्रॉपर स्किल के साथ तो चलिए में आज आपको Trading Kya Hai से जुडी पूरी जानकारी देता हूँ की Trading Kaise Sikhe, Professional Trader Kaise Bane, ट्रेडिंग से कैसे लॉन्ग टर्म तक पैसे कमाए, ट्रेडिंग के लिए बेस्ट कोर्स कौन से है, ट्रेडिंग बुक और ऐसे ही बहुत सारे जानकारी आज के इस लेख में आप जानेंगे तो चलिए बिना देर किये शुरू करते है

ट्रेडिंग क्या है? (Trading Kya Hai)

ट्रेडिंग को आसान शब्दों में कहे तो किसी प्रोडक्ट या सेवा को कम दाम में खरीदना और उच्च दाम पर बेंच देना ट्रेडिंग कहलाता है, ट्रेडिंग का मतलब किसी इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है स्टॉक की खरीदना और बेंचना भी ट्रेडिंग कहलाता है ट्रेडिंग का मुख्य मकशद कम दाम में खरीदना और उच्च दाम पर बेंच देना

स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग को मुख्य चार भागो में विभाजित किया गया है

  1. स्कल्पिंग ट्रेडिंग
  2. इंट्राडे ट्रेडिंग
  3. स्विंग ट्रेडिंग
  4. पोसिशनल ट्रेडिंग

स्कल्पिंग ट्रेडिंग : वह ट्रेड जो कुछ सेकंड या मिनट के लिए ट्रेड किया जाता है इस टाइप की ट्रेडिंग काफी रिस्की होती है इस ट्रेडिंग को करने के लिए काफी एकग्रता की आवश्यकता है इस ट्रेड को अधिकतर प्रोफेशनल ट्रेडर ही ट्रेड करते है

इंट्राडे ट्रेडिंग : यह टाइप ट्रेडिंग एक दिन के लिए किया जाता है अर्थात वह ट्रेडर जो मार्किट खुलने के बाद ट्रेड करते है और मार्किट क्लोज होने से पहले बंद करते है इस तरह के ट्रेडिंग में रिस्क काम होता है.

ट्रेडर बनने के लिए पहले आपके पास बेसिक स्किल होना अति आवश्यक है जैसे शेयर मार्किट क्या है? और शेयर मार्किट में कैसे इन्वेस्ट किया जाता है उसके बाद ट्रेडिंग क बारे में भी कुछ जानकारी होनी चाहिए जैसे ट्रेडिंग त्रादंग कितने प्रकार के होते है और ट्रेड कैसे किया जाता है.

ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास पहले एक डीमैट अकाउंट होना अतिआवश्यक है जिस प्रकार बैंक में पैसा जमा निकाशी के लिए सेविंग और करंट अकाउंट खुलवाते है उसी प्रकार शेयर मार्किट में निवेश और ट्रेडिंग के लिए डीमैट अकाउंट क आवश्यकता होती है.

डीमैट खाता आप अपने घर से बस 5 मिनट में अपना अकाउंट बना सकते है ऐसे बहुत सरे मार्किट में ब्रोकर है जो डीमैट खाता खोलते है जैसे उपस्टेक्स, एंजेल वन , ग्रो और बहुत सारे

अगर अपने अभी तक अपना डीमैट खाता नहीं खोला है तो आप Upstox में अपना अकाउंट बना सकते है इसकी सर्विस काफी अच्छी होने के साथ इसका इंटरफ़ेस इंटरफ़ेस यूजर फ्रेंडली है इसका इस्तेमाल में करीब 5 साल से कर रहा हूँ.

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शेयर मार्केट

Share Market Update News: किसी कंपनी को जब अपना विस्तार करना होता है और उसके लिए पैसे चाहिए होते हैं तो उसके पास पैसा बनाने के कई विकल्प होते हैं. उन्हीं विकल्पों में से एक होता है, अपनी हिस्सेदारी को लोगों में बांटना. इसके साथ कंपनी आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) निकालती है. आप कंपनी को पैसे देकर इन आईपीओ (कंपनी में हिस्सेदारी) को कंपनी से सीधा खरीद सकते हैं. इसके साथ ही कंपनी के ये शेयर आप कभी भी और किसी को भी बेच सकते हैं.

क्या होता है प्राइमरी और सेकेंड्री मार्केट

लेकिन जब कंपनी शेयर बेच रही थी, तब अगर आप उनको नहीं खरीद पाए और अब आप उन्हें खरीदना चाहते हैं तो आप किसी और से ये शेयर खरीद सकते हैं. आईपीओ के अलावा आप एक बार भी न तो कंपनी से शेयर खरीदते हैं और न ही कंपनी को बेचते हैं. आप तो किसी ओर से शेयर खरीद रहे हैं और किसी और को ही शेयर बेच रहे हैं. यहां आप सेकेंड हैंड शेयरों की खरीद-फरोख्त कर इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है रहे हैं. इसलिए जहां आईपीओ से शेयरों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं, उसे प्राइमरी और जहां सेकेंड हैंड शेयरों की बिक्री-खरीद हो रही है, उसे सेकेन्ड्री मार्केट कहा जाता है. आप जो रोजना शेयर मार्केट की खबरें सुनते हैं, वो वास्तव में एक सेकेन्ड्री मार्केट है.

Intraday Trading क्या है और कैसे करें ?

intraday trading kya hai kaise kare

यदि आप शेयर मार्केट से पैसे कमाना चाहते हैं तो इसके 2 इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है तरीके हैं- (1). किसी कम्पनी के शेयर खरीद कर लम्बे समय तक निवेश के रूप में रखना; या (2). फायदा (प्रोफिट) कमाने के लिए एक ही दिन में शेयरों की खरीद-बिक्री करना। इनमें से दूसरे तरीके को Intraday Trading कहा जाता है। Intraday का हिंदी में अर्थ होता है “एक ही दिन के भीतर”, अर्थात कोई भी ऐसा कार्य जो एक ही दिन में शुरू करके समाप्त कर दिया जाए उसको Intraday बोलते हैं। अतः शेयर मार्केट में एक ही दिन में की जाने वाली शेयरों की खरीद-बिक्री को इंट्राडे ट्रेडिंग कहा जाता है। यहाँ पर हम आपको Intraday Trading क्या है, Intraday Trading कैसे करें, Intraday Trading से पैसे कैसे कमाएं आदि से सम्बंधित सभी जानकारी देंगे। अतः इस लेख को अंत तक पढ़ें।

Intraday Trading क्या है ?

Intraday Trading शेयर मार्केट में शेयरों की उस ट्रेडिंग गतिविधि को कहा जाता है जिसमें आप लाभ कमाने के लिए एक ही दिन में शेयरों की खरीद और बिक्री करते हैं। भारत में इंट्राडे ट्रेडिंग का आधिकारिक समय सुबह 9.30 बजे से लेकर दोपहर के 3.30 बजे तक होता है और यदि आप इंट्राडे ट्रेडिंग कर रहे हैं तो आपको समय का ख़ास ध्यान रखना होता है। इंट्राडे ट्रेडिंग में समय की महत्ता इसलिए है क्योंकि Intraday Trading में यदि आपने किसी भी दिन अपने खरीदे गए शेयरों को दोपहर के 3.30 बजे तक नहीं बेचा तो वह 3.30 बजे स्वयं बिक जाएंगे। अतः इंट्राडे ट्रेडिंग शेयर मार्केट की एक जोखिम भरी ट्रेडिंग गतिविधि है जिसमें आपको वित्तीय लाभ भी हो सकता है और हानि भी हो सकती है। परन्तु यदि आप इंट्राडे ट्रेडिंग की तय समय सीमा में सावधानी से शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर नज़र रखते हैं और बिना किसी लालच के थोड़ा सा लाभ होते ही अपने उसी दिन खरीदे गए शेयर बेच देते हैं तो आप इस से प्रतिदिन कुछ ना कुछ वित्तीय लाभ कमा सकते हैं।

Intraday Trading कैसे करें ?

Intraday Trading करने के लिए आपको सुबह 9.30 बजे से लेकर दोपहर के 3.30 बजे तक शेयर बाज़ार पर अधिक से अधिक समय बिताना होगा। आप जितना अधिक समय उस पर बिताएंगे उतनी ही सावधानी से ट्रेडिंग कर पाएंगे और एक ही दिन के शेयरों की खरीद- बिक्री में अधिक से अधिक लाभ कमा पाएंगे। यहाँ पर इंट्राडे ट्रेडिंग में यह बात तय है कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। अतः तय समय सीमा के भीतर इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है आप शेयर मार्केट पर पैनी नज़र रखते हुए शेयरों के दाम बढ़ते ही बेच देने पर लाभ कमा सकते हैं। यदि आपने अपने खरीदे हुए शेयरों की बढ़ोतरी को किसी कारणवश नोटिस नहीं किया तो हो सकता है कि फिर उस दिन 3.30 बजे तक आपके शेयरों के दाम ऊपर ही ना आएं और आपको हानि हो जाए। अतः इंट्राडे ट्रेडिंग में लाभ कमाने के लिए शेयर मार्केट की गतिविधियों पर नज़र रखते हुए आपको अधिक से अधिक समय शेयर बाज़ार को देना होगा। परन्तु यह बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है कि आप सुबह 9.30 बजे से लेकर दोपहर के 3.30 बजे तक का पूरा समय शेयर मार्केट पर बिताएं तो आपको निश्चित ही लाभ होगा। कभी- कभी किसी कारणवश ऐसा भी हो सकता है कि आपके द्वारा खरीदे गए शेयरों के दाम उस दिन एक बार भी ना बढ़े और घटते ही रहें या लगभग स्थिर रहें। ऐसी स्थिति आने पर आपको उस दिन इंट्राडे ट्रेडिंग में हानि होना निश्चित है।

कमोडिटी बाजार में इंट्रा डे ट्रेडिंग और ओपन इंटरेस्ट के क्या हैं मायने ?

trading

इंट्रा डे ट्रेडिंग दिन भर के अन्तराल में की जाने वाली खरीद और बिक्री को इंट्रा डे ट्रेडिंग कहा जाता है.

किसी कमोडिटी को जिस दिन खरीदा जाये, उसी दिन उस मार्केट बंद होने से पहले बेच भी दिया जाये या अगर इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है आप शार्ट सेलिंग करते है, तो मार्केट बंद होने से अपनी ओपन पोजीशन को काट लें तो इस तरह कि कारोबारी रणनीति को इंट्रा डे ट्रेडिंग कहा जाता है.

क्या होता ओपन इंटरेस्ट ?
ओपन इंटरेस्ट मार्केट पार्टिसिपेंट्स (कारोबारियों) की कुल संख्या है. इससे पता चलता है कि किसी कमोडिटी के प्रति निवेशकों और कारोबारियों का रुझान कैसा है. ओपन इंटरेस्ट बढ़ने का मतलब है की इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है नया पैसा मार्केट में आ रहा है.

रिसर्च के बाद ही चुनें अपने स्टॉक्स

क्वालिटी रिसर्च सही स्टॉक लेने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आप जिन शेयरों को ट्रेड करने जा रहे हैं, उनके बारे में जानने से ज्यादा भरोसेमंद कुछ नहीं हो सकता। दुर्भाग्य से, अधिकांश ट्रेडर स्टॉक चुनने से पहले पर्याप्त रिसर्च नहीं करते। यह या तो रिसर्च के महत्व के प्रति अज्ञानता के कारण हैं या लापरवाही की वजह से। ज्यादातर मामलों में ये दोनों कारण हैं। यदि आपके पास पर्याप्त जानकारी हो तो आपके ट्रेड की स्पीड बढ़ जाती है। आपकी क्षमता बढ़ जाती है। इंट्रा-डे ट्रेडर के रूप में आप निश्चित ट्रेडिंग घंटों में छोटे मूल्य में उतार-चढ़ाव का लाभ उठाकर संपत्ति बना सकते हैं। इस प्रकार, एक अच्छा आरओआई हासिल करने के लिए त्वरित निर्णय लेना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

खुद ही चार्ट पढ़ने की क्षमता विकसित करें

आपको पता है कि इंट्रा-डे ट्रेडर के तौर पर कारोबार शुरू करने के लिए इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है आपको पहले दिन से ही टेक्निकल चार्ट्स पर निर्भर रहना होगा और यदि आप उन चार्ट्स को खुद ही पढ़ने लगते हैं तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा। बिजनेस की इस लाइन में आप चार्ट के माध्यम से मुश्किल फैसले ले सकते हैं। चार्ट यह समझने के लिए बैरोमीटर का काम करते हैं कि क्या हो रहा है, क्या काम करता है और क्या नहीं। इस तरह, चार्ट पढ़ने की क्षमता एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्किलसेट है। यह ध्यान में रखते हुए कि आपने चार्ट पढ़ने इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है और समझने का कौशल विकसित किया है, यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जिन शेयरों पर आपने नजर रखी है, वह निश्चित चार्ट पैटर्न प्रोजेक्ट करते हैं। ऐसे स्टॉक में ट्रेड करना उचित नहीं है जिसके बारे में पर्याप्त इतिहास न हो और न ही आपको ऐसे शेयरों का विकल्प चुनना चाहिए जो एक स्पष्ट पैटर्न नहीं दिखाते हो। लंबे इतिहास वाले स्टॉक आपको किसी पैटर्न के दोहराने के पैटर्न और ट्रेड में मदद कर सकते हैं।

बाजार को चुनौती न दें- उस दिन के ट्रेंड के साथ चलें

बड़ी संख्या में व्यापारी विरोधाभासी परिदृश्यों को फॉलो कर सकते हैं। लेकिन, अधिकांश व्यापारिक दुनिया बाजार की लहरों की सवारी पसंद करती है। इस प्रक्रिया में बाजार में किसी ट्रेंड को पहचानकर और उसकी सवारी करके की जाती है। आपको एक स्पष्ट तस्वीर देने के लिए, जब आप नोटिस करते हैं कि मार्केट बढ़ रहा है, तो आपको उन शेयरों को चुनना चाहिए जो आपको इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है अधिक विस्तारित अवधि के लिए अपनी पोजिशन होल्ड रखने की अनुमति देते हैं। इसके विपरीत, यदि बाजार गिर रहा है, तो आपको इंड्राडे ट्रेडिंग क्या है छोटी पोजिशन पर विचार करना चाहिए।

इंट्रा डे ट्रेडिंग अलग तरह का है गेम

इंट्रा-डे ट्रेडिंग बिल्कुल ही अलग तरह का खेल है। टॉप पर बाहर आने के लिए, आपको उन नियमों और ट्रेंड्स को जानना होगा जो बाजार को परिभाषित करते हैं। सदियों पुरानी विद्या कहती है कि निरंतर ज्ञान हासिल करने की कोशिश आपके कौशल और जागरूकता को बढ़ाती है। संपूर्ण ट्रेड निष्पादित करने के लिए ज्ञान और कौशल का होना महत्वपूर्ण है। आखिरकार, आप मुनाफा कमाने के लिए ट्रेडिंग कर रहे हैं। जैसे, यह सुनिश्चित करने का पक्का तरीका है कि आप उन शेयरों के बारे में सब कुछ जान लें जो आप खरीदने और ट्रेड करने जा रहे हैं।

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