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ग्रे या ब्लैक मार्केट क्या है

ग्रे या ब्लैक मार्केट क्या है
ग्रे मार्केट का एक आसान उदाहरण एक छोटा व्यवसाय है जो किसी विशेष कंपनी का माल बेचता है, अब भले ही वे मार्केट में अधिकृत डीलर न हों। लेकिन इसमें यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऐसा करने वाले छोटे व्यवसाय कानूनी संस्थाएं हैं।

पीएम शेरबहादुर देउबा के नेतृत्व वाला नेपाली कांग्रेस गठबंधन बढ़त बनाए हुए है।

आईपीओ ग्रे मार्केट प्रीमियम

अगर आप स्टॉक मार्केट या आईपीओ में निवेश करते है तो आपने कभी न कभी आईपीओ ग्रे मार्केट और आईपीओ ग्रे मार्केट प्रीमियम का नाम जरुर सुना होगा। इसलिए आज हम आईपीओ ग्रे मार्केट प्रीमियम क्या है और कैसे काम करता है, विस्तार में समझते है।

ग्रे मार्केट एक समानांतर मार्केट है जहां स्टॉक्स में अनऔपचारिक तरीके से ट्रेड होता है। ये जब होता है जब कोई कंपनी अपना आईपीओ लेकर आती है।

चलिए आईपीओ ग्रे मार्केट और आईपीओ ग्रे मार्केट प्रीमियम के बारे में विस्तार से समझते है।

आईपीओ ग्रे मार्केट क्या है?

ग्रे मार्केट को समझने से पहले हम ये समझ लेते है कि मार्केट कौन–कौन से होते है। मार्केट को तीन वर्गों में बांटा जा सकता है।

  1. वाइट मार्केट (White Market):- यह एक ओपन मार्केट है, जहां सारी ट्रेडिंग गतिविधि रूल्स एंड रेगुलेशंस के अनुसार होती है। जैसे कि स्टॉक मार्केट, जिसे सेबी रेगुलेट करता है और सारी ट्रेडिंग गतिविधि नियम और कानून के अनुसार होती है।
  2. ब्लैक मार्केट (Black Market):- एक ब्लैक मार्केट उन सामानों से संबंधित है जो आमतौर पर आयात शुल्क और अन्य शुल्कों से बचने के लिए देश में तस्करी कर लाए जाते हैं। जो कि पूरी तरह से गैर कानूनी होता है। इसके बहुत से ऐसे काम है जो गैर कानूनी तरीके से किए जाते है वह ब्लैक मार्केट की श्रेणी में आते हैं।
  3. ग्रे मार्केट (Gray Market):- एक आईपीओ ग्रे मार्केट वह मार्केट है जहां किसी कंपनी के शेयरों की बोली लगाई जाती है और ट्रेडर्स द्वारा अनौपचारिक(Unofficial) रूप से शेयर प्राइस पेश किए जाते है। यह किसी कंपनी द्वारा आईपीओ में शेयर जारी किए जाने से पहले होता है।

ग्रे मार्केट प्रीमियम क्या होता है?

ग्रे मार्केट प्रीमियम जिसे जीएमपी (GMP) के नाम से भी जाना जाता है, जीएमपी एक प्रीमियम राशि है जिस पर ग्रे मार्केट आईपीओ में शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने से पहले कारोबार किया जाता है।

अगर आसान शब्दों में कहें तो IPO लाने वाली कंपनी का स्टॉक शेयर मार्केट के बाहर भी खरीदा और बेचा जाता है। ये खरीद-बिक्री ग्रे मार्केट में होती है।

ग्रे मार्केट जीएमपी दर्शाता है कि लिस्टिंग के दिन आईपीओ कैसे प्रतिक्रिया कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई कंपनी आईपीओ ला रही है और वह अपने शेयर का प्राइस 100 रुपये पैश करती है और ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 20 रुपये है तो उस आईपीओ की लिस्टिंग लगभग 120 रुपये पर होगी।

जीएमपी कोई पक्की गारंटी नही देता है लेकिन ज्यादातर मामलों में, जीएमपी सही से काम करता है और आईपीओ प्राइस प्रीमियम के आसपास सूचीबद्ध होता है।

Nykaa सहित 6 कंपनियों के आईपीओ का क्या चल रहा ग्रे मार्केट भाव, जानें निवेश रणनीति

 इस साल अभी तक आए 60 से अधिक आईपीओ ने बाजार से कुल 1.35 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं.

इस साल अभी तक आए 60 से अधिक आईपीओ ने बाजार से कुल 1.35 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं.

कुल 6 कंपनियां अपना पब्लिक इश्यू लॉन्च कर रही हैं. इनमें से नायका का IPO 28 अक्टूबर को और फिनो पेमेंट्स बैंक का IPO 29 . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : October 31, 2021, 11:17 IST

IPO Update: आईपीओ मार्केट एक बार फिर कल से गुलजार रहेगा. नवंबर में 6 से ज्यादा आईपीओ ओपन होंगे. अगले एक सप्ताह में 6 कंपनियों के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आने वाले हैं. Nykaa ब्रांड को चलाने वाली FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स (FSN E-Commerce Ventures) का IPO खुल चुका है और इसे लेकर निवेशकों के बीच मजबूत मांग देखी जा रही है.

FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स के शेयर ग्रे मार्केट (Grey Market Premium) में इस समय 50 प्रतिशत से अधिक के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जो पॉलिसीबाजार (Policybazaar), सिगाची इंडस्ट्रीज (Sigachi Industries) और SJS एंटरप्राइजेज की तुलना में काफी अधिक है.

Pakistan FATF Grey List: पाकिस्तान का नाम FATF की ग्रे लिस्ट से हटा, जानिए क्या है इस लिस्ट का मतलब

TV9 Bharatvarsh | Edited By: अंकित गुप्ता

Updated on: Jun 17, 2022, 4:45 PM IST

Pakistan FATF Grey List: पाकिस्तान का नाम FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया गया है. जर्मनी के बर्लिन में चली रही बैठक में यह फैसला लिया गया. लम्बे समय से पाकिस्तान (Pakistan) आतंकरोधी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्‍ट से खुद का नाम हटाने में जुटा हुआ था. लिस्ट से नाम हटने के बाद पाकिस्तान ने बड़ी राहत की सांस ली है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या है FATF, इसकी ब्लैक और ग्रे लिस्ट में शामिल होने का क्या मतलब है…

FATF and Pakistan: सरल भाषा में जानिए क्‍या है ग्रे लिस्‍ट और ब्‍लैक लिस्‍ट, आखिर इससे क्‍यों चिंतित है पाकिस्‍तान? एक्‍सपर्ट व्‍यू

सरल भाषा में जानिए क्‍या है ग्रे लिस्‍ट और ब्‍लैक लिस्‍ट, आखिर इससे क्‍यों चिंतित है पाकिस्‍तान। फाइल फोटो।

पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए फरवरी का महीना काफी चुनौतियों भरा है। इमरान के समक्ष एक ओर अव‍िश्‍वास प्रस्‍ताव का संकट है उधर दूसरी तरफ फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की तलवार लटक रही है। इस महीने विपक्ष इमरान सरकार के खिलाफ अविश्‍वास लाने पर अड़ा है।

नई दिल्‍ली, जेएनएन। पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए फरवरी का महीना काफी चुनौतियों भरा है। इमरान के समक्ष एक ओर अव‍िश्‍वास प्रस्‍ताव का संकट है, तो दूसरी तरफ फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की तलवार लटक रही है। इस महीने विपक्ष इमरान सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने पर अड़ा है। इससे इमरान सरकार को खतरा उत्‍पन्‍न हो गया है। उधर, इस महीने फ्रांस की राजधानी पेरिस में होने वाली एफएटीएफ की प्‍लेनरी और वर्किंग की बैठक से पहले पाकिस्‍तान के ब्‍लैक लिस्‍ट में खिसकने की संभावना बढ़ गई है। बता दें कि पाकिस्‍तान पहले से ही एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट में शामिल है। आइए जानते हैं कि ग्रे लिस्‍ट के बाद पाकिस्‍तान के ब्‍लैक लिस्‍ट की संभावना क्‍यों बढ़ गई। इसके पीछे क्‍या है बड़े कारण। एफएटीएफ की कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्‍तान के पास क्‍या है विकल्‍प।

इमरान सरकार के लिए खतरे की घंटी, ग्रे लिस्‍ट में शामिल होना ग्रे या ब्लैक मार्केट क्या है तय, ब्‍लैक लिस्‍ट का खतरा, जानें-एक्‍सपर्ट व्‍यू

इमरान सरकार के लिए खतरे की घंटी, ग्रे लिस्‍ट में शामिल होना तय, ब्‍लैक लिस्‍ट का खतरा।

FATF की ग्रे लिस्‍ट से निकलने को बेचैन पाकिस्‍तान को अभी और इंतजार करना होगा। आखिर क्‍या है ग्रे लिस्‍ट। पाकिस्‍तान इस लिस्‍ट से बाहर आने को क्‍यों है बेचैन। ग्रे लिस्‍ट में रहने से पाक ग्रे या ब्लैक मार्केट क्या है को क्‍या है नुकसान।

नई दिल्‍ली/इस्‍लामाबाद, आनलाइन डेस्‍क। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्‍ट से निकलने को बेचैन पाकिस्‍तान को अभी और इंतजार करना होगा। यह माना जा रहा है कि पाकिस्‍तान को अगले वर्ष अप्रैल तक ग्रे ल‍िस्‍ट में रखा जाएगा। गौरतलब है कि मंगलवार से शुरू हुई एफएटीएफ की बैठक गुरुवार तक जारी रहेगी। इस बैठक पर भारत की भी नजर है। आखिर क्‍या है ग्रे लिस्‍ट। पाकिस्‍तान इस लिस्‍ट से बाहर आने को क्‍यों ग्रे या ब्लैक मार्केट क्या है है बेचैन। ग्रे लिस्‍ट में रहने से पाक को क्‍या है नुकसान।

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