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क्रिप्टो ब्रोकर क्या है?

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सॉफ्टबैंक दिवालिया क्रिप्टो एक्सचेंज FTX में $ 100 मिलियन लिखा

सैन फ्रांसिस्को: संकटग्रस्त जापानी निवेश फर्म सॉफ्टबैंक ने कथित तौर पर अब दिवालिया क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स में अपने विज़न फंड 2 के हिस्से के रूप में निवेश किए गए लगभग 100 मिलियन डॉलर को बट्टे खाते में डाल दिया है।

मार्केटवॉच के अनुसार, सॉफ्टबैंक के साथ निवेश को अब शून्य पर चिह्नित किया गया है, "यह अपनी हिस्सेदारी के मूल्य में एक भौतिक गिरावट का सामना नहीं करेगा"।

जनवरी में स्टार्टअप द्वारा $400 मिलियन जुटाए जाने के बाद सॉफ्टबैंक ने FTX का समर्थन किया था, जिसका मूल्य 32 बिलियन डॉलर था।

सॉफ्टबैंक सीएफओ योशिमित्सु गोटो को यह कहते हुए उद्धृत किया गया था कि एफटीएक्स में $ 100 बिलियन विजन फंड ने "कंपनी में मामूली हिस्सेदारी के रूप में" निवेश किया था।

गोटो ने कंपनी की दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों के दौरान कहा, "अगर मार्कडाउन का कोई मामला है लेकिन फिर भी वह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण नहीं है।"

सॉफ्टबैंक का खराब स्टार्टअप्स में पैसा डालने का इतिहास रहा है, जैसे WeWork में 18.क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? 5 बिलियन डॉलर का निवेश।

जापानी वीसी फर्म ने डिजिटल मॉर्गेज लेंडर बेटर डॉट कॉम में 500 मिलियन डॉलर का निवेश किया, जिसने अपने भारतीय मूल के सह-संस्थापक और सीईओ विशाल गर्ग के तहत हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया।

क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स ने स्वीकार किया है कि "अनधिकृत लेनदेन" ने अपने बटुए से सैकड़ों मिलियन डॉलर निकाले हैं, यह कहते हुए कि कंपनी ने कई डिजिटल संपत्ति को एक नए "कोल्ड वॉलेट कस्टोडियन" में स्थानांतरित कर दिया है।

एफटीएक्स, जिसने पिछले हफ्ते अमेरिका में दिवालिएपन के लिए दायर किया था, ने यह नहीं बताया कि अनधिकृत लेनदेन में उसे कितना नुकसान हुआ, लेकिन रिपोर्टों का दावा है कि यह राशि $ 600 मिलियन जितनी अधिक हो सकती है।

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Bitcoin is the first digital currency, created back in 2009. Bitcoin is one of the most volatile and popular instruments among cryptocurrencies.

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क्रिप्टोकरेंसी में करना चाहते हैं निवेश? इन 9 बातों का रखें ध्यान

छोटे शहरों से लेकर महानगरों में रहने वाले लोगों क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? में क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आकर्षण बढ़ा है और वे इसमें निवेश करना चाहते हैं.

  • Money9 Hindi
  • Updated On - September 3, 2021 / 11:45 AM IST

क्रिप्टोकरेंसी में करना चाहते हैं निवेश? इन 9 बातों का रखें ध्यान

हाई रिटर्न के कारण क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) ने समय के साथ काफी लोकप्रियता हासिल की है. केवल एक क्लिक पर ही आसानी से खरीदी और बिक्री की प्रक्रिया ने इसे खास तौर पर युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया है. छोटे शहरों से लेकर महानगरों में रहने वाले लोगों में भी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर आकर्षण बढ़ा है और वे इसमें निवेश करना चाहते हैं. लेकिन क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) की दुनिया में जाने से पहले आपको इन नौ चीजों के बारे में जान लेनी चाहिए.

1. अच्छे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म का करें चुनाव – क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में निवेश करने से पहले आपको इसके उपयोग के बारे में सबकुछ जान लेना चाहिए. भारत में क्रिप्टो स्पेस रेगुलेटेड नहीं है. यहां पर कई छोटे-छोटे प्लेटफॉर्म हैं, जो आपको क्रिप्टो में पैसा लगाने की सलाह देते हैं. निवेशकों को इन प्लेटफॉर्म के बारे में सावधान रहना चाहिए. जिस तरह आप शेयर बाजार में निवेश करते समय अच्छे ब्रोकर का चुनाव करते हैं, उसी तरह क्रिप्टो में निवेश करते समय अच्छे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म का चुनाव करें. आप जिस क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना चाहते हैं उसके बारे में अच्छी तरह से रिसर्च करें. हालांकि बिट कॉइन सबसे ज्यादा पॉपुलर है. लेकिन बिट कॉइन के अलावा बाजार में Dogecoin,Ethereum, Cardano, Ripple और Litecoin हैं.

2. टोकन की मांग और आपूर्ति को समझना जरूरी : बिटकॉइन एक वर्चुअल यानी आभाषी मुद्रा है. बिटकॉइन आपूर्ति में सीमित हैं और वर्तमान में 21 मिलियन में से केवल 18.78 मिलियन ही सर्कुलेशन में हैं. निवेश करने से पहले आपको इन वर्चुअल टोकन की मांग और आपूर्ति को समझने की कोशिश करनी चाहिए.

3. नहीं है कोई कानून : देश में क्रिप्टोकरेंसी का प्रचलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसको लेकर कोई कानून या गाइडलाइंस नहीं है. भारत में नियामक ने क्रिप्टो को मंजूदी नहीं दी है. सोने की तरह ही इसकी कीमतें मुख्य रूप से मांग और आपूर्ति के नियम से निर्धारित होती हैं. यहां किसी भी तरह की धोखाधड़ी या अपराध होने पर आपके मामले को उठाने के लिए कोई शिकायत तंत्र नहीं है.

4. लागतों की तुलना : किसी भी एक्सचेंज के साथ साइन अप करने से पहले, खरीदने और बेचने की लागतों की तुलना करनी चाहिए. इसके अलावा, पारदर्शी और बड़े एक्सचेंजों के साथ जुड़ना सुरक्षित तरीकों में से एक है।

5. बैंकिंग सेवाएं: साइन अप करने से पहले, यह जांच लें कि एक्सचेंज कितने बैंकों से जुड़ा हुआ है. चेक करें कि जमा करने और निकालने की सुविधा कितनी आसान है ताकि खरीदने और बेचने के समय आपको कोई दबाव महसूस न हो.

6. उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है बाजार : क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले आपको यह समझना चाहिए कि इसका बाजार उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है. इसमें इतना ज्यादा जोखिम है कि एक बार में ही आपके निवेश किए गए सारे पैसे खत्म हो सकते हैं. इन बातों को ध्यान रखते हुए आपको ज्यादा रिटर्न के बहकावे में नहीं आना चाहिए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप नए हैं तो आपको निवेश की शुरुआत बेहद कम पैसों से करनी चाहिए.

7. पर्यावरण संबंधी चिंताएं: खनन कार्यों पर चीन में हालिया कार्रवाई पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण हुई. बिटकॉइन माइनिंग सुपर कंप्यूटर के ज़रिए किया जाता है और इसलिए बिटकॉइन माइनिंग के लिए बहुत अधिक विद्युत ऊर्जा की जरूरत होती है, जिसे कई लोगों द्वारा एक पर्यावरणीय चुनौती के रूप में देखा जाता है.

8. आंशिक खरीदारी की है अनुमति : शेयर बाजार में आपको एक पूरा शेयर खरीदना होता है, लेकिन इसके उलट क्रिप्टोकरेंसी में आंशिक खरीदारी की अनुमति होती है. इसका मतलब है कि आप आसानी से 100 रुपये से कम में एक्सचेंजों के ज़रिए डिजिटल मुद्रा के अंश खरीद सकते हैं.

9. RBI ने निवेशकों को किया है कई बार सतर्क : सरकार ने “RBI द्वारा जारी आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के लिए एक सुविधाजनक ढांचा बनाने” और “भारत में सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने” के लिए द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 का प्रस्ताव पेश किया है. भारत में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य को लेकर अलग-अलग तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं. भारतीय रिजर्व बैंक ने समय-समय पर निवेशकों को सतर्क किया है और उन्हें आभासी मुद्राओं से जुड़े जोखिमों के बारे में चेतावनी दी है.

कैसे काम करती है क्रिप्टोकरेंसी? क्या है सरकार व RBI का रुख? जानें हर सवाल का जवाब

अभय कुमार सिंह

Cryptocurrency News: क्रिप्टोकरेंसी एक वर्चुअल करेंसी है। इसे नोट या सिक्के की तरह हाथ में नहीं लिया जा सकता। ये डिजिटल एसेट्स होते हैं।

Cryptocurrency News

  • क्रिप्टोकरेंसी को कोई सेंट्रल अथॉरिटी रेगुलेट नहीं करती।
  • क्रिप्टोकरेंसी की संख्या हजारों में हैं, जिनकी अलग-अलग कीमत है जो बढ़ती-घटती रहती है।
  • भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई कानून नहीं है, न ही रेगुलेशन का कोई सिस्टम है।

नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के बारे में अबतक आपने बहुत पढ़ा-सुना देखा होगा। आज हम आपके सारे डाउट क्लियर कर देंगे।। जैसे- क्रिप्टोकरेंसी भारत में अवैध तो नहीं है, सरकार का इस मामले में स्टैंड क्या है, चिंताएं क्या-क्या हैं? क्या क्रिप्टोकरेंसी में इंवेस्टमेंट रिस्क वाला फैसला है? ऐसे ही 10 सवालों के जवाब यहां मिलेंगे।

सवाल 1: क्रिप्टोकरेंसी होती क्या है?
क्रिप्टोकरेंसी एक तरह की वर्चुअल करेंसी है। मतलब ये कि नोट या सिक्के की तरह इसे हाथ में ले नहीं सकते, कोई फिजिकल एग्जीस्टेंस नहीं होता है, ये डिजिटल एसेट्स होते हैं। और क्रिप्टोग्राफी से इन्हें सेक्योर किया जाता है। हर एक क्रिप्टोकरेंसी, यूनिक प्रोग्राम कोड से बनाई जाती है जिससे कि एक ही क्रिप्टोकरेंसी की कॉपी बना लेना या धोखाधड़ी कर पाना तकरीबन नामुमकिन है।

सवाल 2: काम कैसे करती है क्रिप्टोकरेंसी?

  • क्रिप्टोकरेंसी को कोई भी सेंट्रल अथॉरिटी मतलब कि सरकार या समझ लीजिए रिजर्व बैंक रेगुलेट नहीं करता है। ये पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड है और इंटरनेट पर ही इसका क्रिएशन, इंवेस्टमेंट,ट्रांजेक्शन होता है।
  • भारत के लिहाज से बात करें तो सरकार या रिजर्व बैंक को नहीं पता कि ये कैसे बनाए जा रहे हैं, इसकी वैल्यू कैसे घट बढ़ रही है और इसका एक्सचेंज कैसे हो रहा है।
  • एक पूरा इंटरनेट नेटवर्क है, जहां पर हर एक ट्रांजेक्शन की जानकारी सेव होती रहती है औैर इसे कोई सिंगल पर्सन या कोई संस्था मॉनिटर नहीं कर रही होती। एक ही साथ इस पर कई जगह काम होता रहता है।

सवाल 3: कितने तरह की होती है क्रिप्टोकरेंसी?
अब आपने बिटक्वॉइन, डॉजक्वाइन, लाइटक्वाइन, पोलकाडॉट, चेनलिंक, मूनक्वाइन ये सब नाम भी आपने सुने होंगे, तो ये सब क्रिप्टोकरेंसी ही हैं, इनकी संख्या हजारों में हैं जिनकी अलग-अलग वैल्युज है जो बढ़ती घटती रहती है।जैसे 16 नवंबर को एक बिटक्वाइन की कीमत करीब 48 लाख रुपये है और ये महज क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? कुछ ही घंटों में हजारों बढ़ घट सकती है। इसका तेजी से बढ़ना घटना भी एक वजह है जिसके बारे में एक्सपर्ट कहते हैं कि जमा पूंजी को इसमें निवेश कर देना कभी-कभार तगड़ा घाटे का सौदा हो सकता है।

सवाल 4: कैसे खरीद सकते हैं?
आपको जानकार हैरानी होगी कि देश में करीब 10 करोड़ क्रिप्टो करेंसी ओनर हैं, हालांकि, ये इंडिपेंडेंट प्लेटफॉर्म की तरफ से जारी आंकड़े हैं। लेकिन फिर भी इतनी संख्या में ये जो क्रिप्टो ऑनर हैं, वहां कहां खरीदते बेचते हैं क्रिप्टोकरेंसी?ठीक वैसे ही जैसा स्टॉक मार्केट होता है वैसे ही एक्सचेंज या ब्रोकर क्रिप्टोकरेंसी के लिए है । भारत में जो टॉप क्रिप्टो एक्सचेंज हैं वो हैं CoinDCX, Coinswitch, WazirX, Kuber- ये सब मोबाइ्ल एप की मदद से रजिस्ट्रेशन लेते हैं और अपने प्लेटफॉर्म से ट्रांजेक्शन करने देते हैं। शुरुआत में ये आपको क्रिप्टो मार्केट समझने में भी हेल्प करते हैं।

ये तो हो गई क्रिप्टोकरेंसी को समझने की बात अब भारत में क्या नियम-कानून हैं और सरकार-एजेंसियों की चिंता क्या है?

सवाल 5: भारत में वैध या अवैध है क्रिप्टोकरेंसी?
मौजूदा वक्त में भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई कानून नहीं है, न ही रेगुलेशन का कोई सिस्टम है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि क्रिप्टोकरेंसी को रखना अवैध है।

सवाल 6: भारत सरकार का क्या रुख है?
ऐसा माना जा रहा है कि सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टो करेंसी पर विधेयक ला सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 नवंबर को क्रिप्टो करेंसी पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इससे संकेत मिलता है कि सरकार क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? इस मुद्दे से निपटने के लिए टफ रेगुलेटरी स्टेप ले सकती है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगस्त में कहा था कि उन्हें क्रिप्टो करेंसी विधेयक पर मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है

सवाल 7: रिजर्व बैंक का क्या रुख है?
यहां एक बात और जान लीजिए कि साल 2018 में रिजर्व बैंक ने क्रिप्टो ट्रांजेक्शन पर पूरी तरह रोक लगाने वाला सर्कुलर जारी कर दिया था। मार्च 2020 में सुप्रम कोर्ट ने इस सर्कुलर को निरस्त कर दिया, और क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेड की मंजूरी दे दी।हाल क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? ही में एक कार्यक्रम में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास क्रिप्टोकरेंसी को लेकर फिर चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि इससे रिजर्व बैंक के सामने एक चुनौती आई है। माइक्रोइकनॉमिक बैंलेस और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी दोनों के लिए क्रिप्टोकरेंसी ने चिंता पैदा की है।इस कार्यक्रम में दास ने ये भी कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेशकों क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? की संख्या को बढ़ा चढ़ाकर बताया जा रहा है।

सवाल 8: भारत में चिंताएं क्या-क्या हैं?
अभी तक मैंने जो जानकारी दी है उससे समझ गए होंगे कि देश में पिछले कुछ सालों से क्रिप्टोकरेंसी पर लगातार बहस चलती आई है। आशंका है कि इसका इस्तेमाल निवेशकों को भ्रामक दावों के साथ आकर्षित करने और आतंक के वित्तपोषण के लिए किए जाने की आशंका है।और जब से ये क्रिप्टोकरेंसी टीओआर, फ्ऱीनेट, जीरोनेट और परफेक्टडार्क जैसे डार्क नेट पर लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाने लगी है तब से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।

सवाल 9: साइबर क्राइम में क्यों इस्तेमाल होने लगी है क्रिप्टोकरेंसी?
मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले, साइबर अपराधी और आतंकवादी क्रिप्टोकरेंसी को आसान मानते हैं क्योंकि इसका पता लगाना मुश्किल होता है, क्योंकि क्रेडिट-डेबिट कार्ड या बैंक जैसा कोई मध्यस्थ नहीं होता है ऐसा में पता लगाना नामुमकिन सा क्रिप्टो ब्रोकर क्या है? हो जाता है कि आखिर पैसा गया तो गया कहां।आपको एक उदाहरण देते हैं पिछले साल पीएम मोदी के पर्सनल वेबसाइट के टि्वटर अकाउंट को हैक कर लिया गया था। हैकर ने बदले में बिटक्वॉइन की ही मांग की थी, तो ये चिंताएं हैं सरकार और एजेंसियों के सामने जिसका सवाल ढूंढा जा रहा है।

सवाल 10: क्या किसी देश में क्रिप्टोकरेंसी लीगल करेंसी भी है?
जवाब है हां, जून 2021 में अल सल्वाडोर पहला ऐसा देश बन गया जहां बिटक्वॉइन को ऑफिशियली लीगल करेंसी बनाया गया है। इसके अलावा किसी दूसरे देश में बिटक्वॉइन या कोई दूसरी क्रिप्टोकरेंसी, लीगल करेंसी के तौर पर इस्तेमाल नहीं की जाती। हालांकि, अपने देश के अलावा यूएस, कनाडा में इसकी ट्रेडिंग हो रही है, रूस, चीन जैसे देश इसके खिलाफ हैं।

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